Monday, October 10, 2011

CHETAK chained by BSP's Elephant

Chetak

This is the scene of Ranapratap Chauk at Allahabad.

Posted via email from Gyan's Desk

5 comments:

Babli said...

आपको एवं आपके परिवार के सभी सदस्य को दिवाली की हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनायें !
मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
http://seawave-babli.blogspot.com/
http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

आशा जोगळेकर said...

ये तो होना ही था । दिवाली मंगलमय हो ।

प्रेम सरोवर said...

जब चेतक पर सवार करने वाले को लोग याद नही करते हैं तो बेचारा निर्जीव चेतक क्या कर सकता है !
आपने अपने व्लॉग के माध्यम से इसे हम सबके ध्यान में लाया । मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है । धन्यवाद । दीपावली की शुभकामनाओं के साथ-सादर ।

जाट देवता (संदीप पवाँर) said...

क्या पता यहाँ भी हाथी नजर आये।

surendrshuklabhramar5 said...

ऐसा ही है ..लोग कारनामे देख रहे हैं सुन रहे हैं और चुप हैं करें तो क्या एक बार उन्हें सत्ता सौंप दिए तो कौन आप की सुनता है ???..चिंता जय महाराणा
भ्रमर ५
बाल झरोखा सत्यम की दुनिया