Thursday, March 01, 2007

और फरवरी भी समाप्त


एक महीना और चला गया. काम कुछ हुआ, ज्यादा बाकी रहा. जो बाकी रहा वह समय के साथ irrelevant हो जायेगा. जो कुछ हुआ वह इतिहास का हिस्सा हो जायेगा.
इस महीने बहुत से ब्लॉग देखे. कुछ प्रयोग स्वयं भी किये. हिन्दी में यूनीकोड से IME द्वारा लेखन प्रारम्भ किया. हिन्दी का प्रयोग इससे बढ़ेगा. शायद जो कुछ अंगरेजी में सोच कर लिखा जा रहा था, वह फिर से हिन्दी में सोचना प्रारम्भ हो सकेगा.
जरूरी वही है. लिखने से ज्यादा जरूरी है भाषा सोच का माध्यम बने. भले ही F11 कुन्जी के माध्यम से सोच द्विभाषी हो, पर उसमें हिन्दी का अंश बढे तो. (फोटो में २८ फरवरी को सवेरे शिवकुटी मंदिर के पास गंगा नदी का सवेरा.)

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